Tuesday, April 9, 2013

Prof RamMohan Pathak ke Bhrastachar/Ghotalon ki Janch ke 3 me se 1 aadesh


LAGBHAG 4 SAL SE PRAMAN SAHIT SHIKYAT   V.C. KASHI VIDYAPEETH , GOVERNOR U.P., MHRD, NEW DELHI , ETC KO  HOTI  RAHI HAI.. Prof RAM MOHAN PATHAK PAR  5 LAKH RUPAYE KE UGC MAJOR RESEARCH PROJECT  ME DHANDHALI  KARANE KE AAROP KI JANCH NAHI  HO RAHI THI.   UGC NE 01 APRIL 2013 KO JANCH KA AADESH DIYA.  M.G. KASHI VEEDYA PEETH KE VICE CHANCELLOR  Prof Prthvish Nag ko patr gaya hai ki 3 mah me janch karakar UGC ko report den. Ram Mohan Pathak 01April 2013 ko 5 p.m. par seva nivrit ho gaye ( satr labh ke chalate 31 jun 2013 tak vishv vidyalay jayenge , prof ki pagar lengen).  Lekin janch ka aadesh USAKE PAHLE HI ho gaya.   ( dekhen kuchh praman. Baki praman jaldi hi)

Sunday, April 7, 2013

V.C's.,IIT's Director's autonomy is not guarantee for corruption

This is also a red flag for Chhinali Vibhuti (V.N.Rai IPS) regarding his corruption as a V.C. of MGIHU,Vardha.
*'CHHINALI' VIBHUTI ( V N RAI ,IPS) KE GHOTALON KI...

corrupt v.c.of annamalai unversity, suspend

APRIL7,2013 
sattachakra.blogspot.com

तमिलनाडु के राज्यपाल  रोसैया ने वित्तीय अनियमितता व करोड़ो रूपये के घोटालों के आरोप में  अन्नामलाई विश्व विद्यालय  के कुलपति एम रामनाथन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।चोर गुरूओं / भ्रष्टाचारी गुरूओं, उनके संरक्षक कुलपतियों के विरूद्ध भी इसी तरह कार्रवाई हो सकती है।

Wednesday, April 3, 2013

UGC ne BHRASTACHARI GURU Prof. Ram Mohan Pathak ke ghotalon/bhrastachar ki JANCH ka diya AADESH

Corrupt Guru Protector  V.C., Prof. NAG 
Brastachari Guru Prof.Ram Mohan Pathak


यूजीसी ने भ्रष्टाचारी गुरूओं के विरूद्ध कार्रवाई शुरू की
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के प्रो.राममोहन पाठक के भ्रष्टाचार,घोटालों की जांच कराकर रिपोर्ट 3 माह में देने का आदेश
भ्रष्टाचारी गुरू राममोहन जांच को ठेंगा दिखा गुरूघासी दास केन्द्रीय वि.वि. के करीबी सजातीय कुलपति की कृपा से वहां कोई मालदार पद पाने के जुगाड़ में
-कृष्णमोहन सिंह
नईदिल्ली।लगभग 7-8 साल से जिस विश्वविद्यालय अनुदान आयोग पर केवल पोस्ट आफिस की तरह काम करने और पुष्पम् –पत्रम् व जुगाड़ से 4 लाख से रूपये अधिक वाले मेजर रिसर्च प्रोजेक्ट बंदर बांट करने,प्रोजेक्ट पूरा करके जमा नहीं करने,प्रोजेक्ट में धांधली करने पर भी कुछ नहीं करने, यदि किसी ने शिकायत की तो केवल नोटिस देकर खानापूर्ति कर देने,अन्य तमाम तरह के घोटालों  और उसकी लीपापोती करने में भरपूर मदद करने का प्रमाण सहित आरोप लगता रहा है।उस यूजीसी में ही  भ्रष्टाचारी प्रोफेसरों, कुलपतियों के लाभालाभी हित वाले पहले से जमे अफसरों की अड़ंगेबाजी व व्यवधान के बावजूद अब विश्वविद्यालयों के भ्रष्टाचार गुरूओं,चोरगुरूओं के विरूद्ध जांच व कार्रवाई की पहल शुरू हो गई है। शायद यह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नये अध्यक्ष प्रो.वेद प्रकाश के कड़ाई के चलते हुआ हो, लेकिन शुरू तो हुआ।इसका प्रमाण है महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ,वाराणसी के प्रो.राममोहन पाठक के भ्रष्टाचार व घोटालों की 2 से 3 माह में जांच कराकर रिपोर्ट देने का आदेश। प्रो.राममोहन पाठक ने आज अखबार समूह में पूर्णकालिक नौकरी करते हुए काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU),वाराणसी से रेगुलर,पूर्णकालिक बी.जे.,एम.ए.(हिन्दी),पीएच.डी(हिन्दी)किया है। राममोहन ने 1991 में काशीविद्यापीठ में पूर्णकालिक रीडर पद पर नौकरी करते हुए और उसके बाद काशी हिन्दू वि.वि. में जनसम्पर्क अधिकारी पद पर पूर्णकालिक नौकरी करते हुए काशी हिन्दू वि.वि.से ही पूर्णकालिक,रेगुलर एम.जे.कोर्स किया है।   एक व्यक्ति एक साथ दो जगह कैसे उपस्थित हो सकता है।और दोनों जगह पूर्णकालिक काम कैसे कर सकता है।यह सीधे-सीधे दुराचरण है,अध्यापक के पद की गरिमा के विरूद्ध है,धोखाधड़ी है। यूजीसी ने इस मामले में 01 अप्रैल2013 को काशी विद्यापीठ प्रशासन को , 3 माह में जांच कराकर  रिपोर्ट देने का आदेश दिया है।
प्रो.राममोहन पर काशी विद्यापीठ में भगवानदास केन्द्रीय पुस्तकालय का प्रभारी रहने के दौरान यूजीसी से प्राप्त अनुदान से वर्ष 1998-99में  पुस्तकों की खरीद में घोटाला का प्रमाण सहित आरोप लगा था।यूजीसी ने इसका नये सिरे से जांच कराकर 3 माह में रिपोर्ट देने को कहा है।
 प्रो.राममोहन पाठक को 31 मार्च 2003 को 3 वर्ष के लिए यूजीसी से 4 ,47,580 रूपये का मेजर रिसर्च प्रोजेक्ट मिला था। उन्होंने पैसा ले लिया, लेकिन प्रोजेक्ट का शीर्षक बिना यूजीसी की मंजूरी के हिन्दी में कर दिया और अब तक पूरा करके यूजीसी में जमा नहीं किया है। शिकायत मिलने के बाद यूजीसी के संबंधित अधिकारी ने कई साल से केवल नोटिस भेजकर खाना पूर्ति किया कि आपने अब तक रिपोर्ट जमा नहीं किया है। सो यूजीसी के नियम के अनुसार पूरी राशि ब्याज सहित रिकवर की जा सकती है। आप पूरी राशि ब्याज सहित वापस कीजिए। 7 साल से यह तमाशा चल रहा है और प्रो. राममोहन पाठक 1 अप्रैल 2013 को सेवानिवृत हो गये।सत्र लाभ मिलने के चलते वह विद्यापीठ में 31 जून 13 तक प्रोफेसर बने रहेंगे। लेकिन अब भी यदि कार्रवाई हो तो पाठक की पेंशन रूक सकती है। इधर यह सब चल रहा है उधर राममोहन पाठक वाराणसी के ही चौबेपुर के निवासी और काशीहिन्दूवि.वि. में भौतिकशास्त्र विभाग में प्रोफेसर रहे और इन दिनों गुरूघासी दास केन्द्रीय वि.वि.,विलासपुर में कुलपति लक्ष्मण चतुर्वेदी(इन पर भी भयंकर भ्रष्टाचार का प्रमाण सहित आरोप लगा है)  की कृपा से वहां के गजानन माधव मुक्तिबोध चेयर में या किसी विभाग में  प्रोफेसर या प्रो.वीसी बनने का जुगाड़ लगा रहे हैं। गजानन चेयर यूजीसी के फंड से चल रहा है। ऐसे में जिस यूजीसी ने भ्रष्टाचारी गुरू राममोहन पाठक के विरूद्ध तीन मामले में जांच का आदेश दिया है, उनको कैसे इस केन्द्रीय वि.वि.में प्रोफेसर या प्रो.वीसी या कुछ और बनाये जाने की मंजूरी देगा? 
*यह खबर  ' स्वदेश ' इंदौर में 3 अप्रैल 2013 को पेज 5 पर,' स्टार समाचार ',सतना में 3 अप्रैल 2013 को पेज 8 पर http://www.starsamachar.com/epapermain.aspx,' तथा अन्य  समाचार पत्र में छपी है। 

Tuesday, April 2, 2013

'CHHINALI' VIBHUTI ( V N RAI ,IPS) KE GHOTALON KI JANCH

छिनाली विभूति यानी छिनाली फेम वाले पुलिसिया कुलपति विभूति नारायण  के घोटालों ,भ्रष्टाचार की जांच शुरू हो गई है। चर्चा है कि सत्ता व पद का लाभ लेने के लिए गिरगिट की तरह रंग बदलने वाले अंगूरी प्रेमी रंगीन मिजाज अपने विरूद्ध हो रहे जांच में क्लिनचिट पाने के लिए दिल्ली की लगातार दौड़ लगा रहे हैं। अपने जाति के राजनीतिकों  से लगायत अपने संरक्षक तरह-तरह के तथाकथित सुविधाभोगी बुद्धिजीवयों ,पुलिस व आईएएस अफसरों के यहां जुगाड़ भिड़ा रहे हैं।इसी जुगाड़ से तो यह पुलिस वाला कुलपति बना तो चोर को बना दिया हेड।और उसके बाद जो तथाकथित भयंकर भ्रष्टाचार किया उसका खुलासा कैग ने कर दिया है।जिसपर प्रमाण सहित शिकायत मिलने और मौका देख लाभ के लिए अपने को कभी वामपंथी,कभी समाजवादी ,कभी कांग्रेसी कीर्तनी होने का रंग बदलने वाले इस छिनाली विभूति के विरूद्ध वामपंथियों की ही अगुवाई में  प्रतिनिधि मंडल , मानव संसाधन विकास मंत्री पल्लम राजू और मुख्य सतर्कता आयुक्त के यहां गया था। इस प्रतिनिधि मंडल के बहुत दबाव के बाद इस छिनाली विभूति,चोरगुरू संरक्षक पुलिसिया कुलपति के विरूद्ध जांच शुरू हुई
v.n.rai,ips,v.c.corruption inquiry
है। प्रमाण देखिये.

VIBHUTI NARAIN RAI,IPS KE BHRASTACHAR KI JANCH

PULISHWALA BANA KULAPATI TO CHOR KO BANAYA HEAD, JAMKAR KIYA
BHRASTACHAR ,CAG NE USAKE GHOTALON KA KIYA PARDAFFAS. VAMPANTHI D.RAJA KI PATNI NE HRD MINISTER SE MULAKAT KAR ,'CHHINALI' VIBHUTI NARAIN RAI ,( V.N.RAI IPS), KULAPATI , MGA HINDI VISHV VIDYALAY, VARDHA, KE BHRASTACHAR AUR GHOTALON KI JANCH KARANE KI MANG KI. MHRD KA EAK IAS AFSAR CHHINALI VIBHUTI KA KAR RAHA THA BACHAV. LEKIN D.RAJA KI PATNI KE SATH GAYE DELIGATION KE DABAV ME AUR CVC KE KARE NIRDESH PAR BHRASTACHAR AAROPI V.N.RAI KE GHOTALON KI JANCH SHURU HO GAYI. . TIME BOUND JANCH HAI.