Monday, August 26, 2013

Antarrashtriya Vishwavidyalay ka antarrashtriya Chorguru Anil Kumar Rai

sattachakra.blogspot.in
26-08-2013,09.07a.m.
Antarrashtriya Vishwavidyalay ka antarrashtriya Chorguru Anil Kumar Rai


antarrashtriya vv ke antarrashtriya chor anil kumar rai ka  biodata jisake adhar par v.n.rai ips ne use professor banavaya
mgahvv me naukari ke liya diya anil k.rai ka biodata jisame 5vin kitab sanchar ke sat sopan likha hai
chorguru anil kumar rai ne apsu rewa se patrachar se b.j. kiya tha,marksheet
sanchar ke sat sopan
sanchar ke sat sopan ka page 462 jisake dusari line ke shabd jinke se chori ka kary..
chorguru anil kumar rai ne bjmc400 ,rewa ka pej109,110 hubahu utarkar..sopan ka pej463,464 banaya hai
.sopan ke pej488,489 jise anil kumar rai ne rewa ke bjmc400ke pej 138 se samagri hubahu utar,cut-pest karake banaya hai
b.j.m.c.400 pustika
bjmc400 ka page108,109 jisakocopy kar anil rai ne ..sopan ka page 462,463 banaya hai
bjmc400pej138jise utar anil k. rai ne ..sopan ka pej488,489banaya hai
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26-08-2013 , 09.07a.m.

महात्मा गांधी अंतररराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय चोरगुरू के कारनामे
रीवा से बी.जे. किया,उसके पाठ्य पुस्तिका की सामग्री  हूबहू उतारकर किताब छपवा लिया
-कृष्णमोहन सिंह
नईदिल्ली।महात्मा गांधी अंतररराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय ,वर्धा के अंतरराष्ट्रीय चोरगुरू अनिल कुमार राय ने वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय,जौनपुर (उ.प्र.)में लेक्चरर रहते  , अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय ,रीवा (म.प्र.) के दूरवर्ती शिक्षा केन्द्र से पत्राचार से बी.जे.( बैचलर आफ जर्नालिज्म ) किया । उसको पढ़ने के लिए विश्वविद्यालय की तरफ से पाठ्य पुस्तिकाएं मिली थीं। उनमें से 206 पेज की एक पुस्तिका बी.जे.एम.सी.400,श्रव्य-दृश्य,समाचार माध्यम तथा इलेक्ट्रानिक संचार माध्यम भी थी। उसका बी.जे. का मार्कशीट 04 अगस्त 2005 को बना। और उसने ( अनिल कुमार राय) ने 2006 में संचार के सात सोपान नाम की एक पुस्तक लिख दी। यह पुस्तक नकल करके लिखी पुस्तकें   प्रकाशित करने के लिए कुख्यात यूनिवर्सिटी पब्लिकेशन ,नईदिल्ली-110002  से प्रकाशित है।इसमें एक अध्याय है -फिल्मों की दुनिया । अनिल कुमार राय ने अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय ,रीवा (म.प्र.) के दूरवर्ती शिक्षा केन्द्र की पुस्तिका बी.जे.एम.सी.400,श्रव्य-दृश्य,समाचार माध्यम तथा इलेक्ट्रानिक संचार माध्यम  के तीन अध्याय- फिल्मों का इतिहास,पेज 108 से 115, भारत में फिल्मों का इतिहास,पेज 116 से 127, सामाजिक बदलाव में फिमों की भूमिका,पेज 128 से 139 यानी कुल 32 पेज की लगभग 99 प्रतिशत सामग्री हूबहू उतारकर,कटपेस्ट करके,नकलचेपी करके अपनी पुस्तक संचार के सात सोपान का अध्याय फिल्मों की दुनिया का पेज 462 से पेज 489 तक(489 पेज में ऊपर वाली 8 लाइन तक) यानी 28 पेज बना लिया है।
अनिल कुमार राय ने महात्मा गांधी अंतररराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय ,वर्धा में प्रोफेसर पद के लिए जो आवेदन किया था उसके पेज 183 पर (CURRICULUM VITAE /बायोडाटा में ) बुक्स आथर्ड शीर्षक में 17 किताबों का नाम दिया है।यानी यह 17 पुस्तकों का लेखक है।  उसमें पांचवे नम्बर पर संचार के सात सोपान   का नाम है। उसने आवेदन में इसका कवर पेज लगाया है जिस पर पेज संख्या 259 लिखा है।उसने बी.जे. की मार्कशीट की फोटो कापी भी लगाया है। इससे प्रमाणित होता है कि शैक्षणिक कदाचार करके ,नकल करके लिखी इस पुस्तक का (नकल करके लगभग एक दर्जन पुस्तकें लिखा है) लाभ लेकर अनिल कुमार राय प्रोफेसर पद पर नियुक्त हुआ है।इस बारे में ईमानदार प्रोफेसरों  का कहना है कि इस शैक्षणिक कदाचार,शैक्षणिक भ्रटाचार आरोपी अंतरराष्ट्रीय चोर गुरू को उसी तरह बर्खास्त किया  जाना चाहिए जैसे दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया के इसके यार दीपक केम को बर्खास्त किया गया। अनिल कुमार राय (प्रो.(डा.)अनिल के. राय अंकित)के इस शैक्षणिक कदाचार,नकलचेपी कारनामे  के प्रमाण के तौर पर कुछ दस्तावेज प्रस्तुत हैं 
chorguru protector v.n.rai ips

chorguru anil kumar rai ,apponted & protected by vc, v.n.rai ips


 यह खबर हिन्दी दैनिक "लोकमत",लखनऊ,"स्टार समाचार" सतना,"राष्ट्रीय नवीन मेल ",झारखंड व अन्य  अखबार में दिनांक 26-08-2013 को व  "स्वदेश इंदौर" में  27-08-2013 को छपी है।